आस्था पुनर्वास केंद्र, बेरमो

संस्थापक सदस्य:
15-08-2007 
के दिन भारतीय स्वतंत्रता दिवस के 60वें वर्षगांठ के शुभ अवसर पर श्री बृज किशोर सिंह एवं श्री हरिश्चंद्र पाठक दोनों मित्रों ने  मिलकर अपने सेवानिवृति के उपरांत सामाज-हितार्थ एक संस्था के आरंभ का संकल्प लिया. जिसे उनके सुपुत्रों ने आगे जाकर मूर्त रूप दिया और आस्था पुनर्वास केंद्र (Aastha Rehabilitation Centre) का प्रादुर्भाव हुआ,.

उदेश्य:
जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सभी समुदाय के आर्थिक रूप से विपन्न जनों का विशेष कर महिला, बच्चे, अनाथ व दिव्यांग श्रेणी के लोगों के उत्थान के लिए समाज के ही विशिष्ट जनों के सहयोग से लाभान्वित करना व उनको स्वरोजगार द्वारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा है.

सहयोग:
आस्था पुनर्वास केंद्र में जहाँ एक ओर संस्था के मुख्य चिकित्सक श्री शशिकांत सिंह द्वारा दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क चिकत्सा प्रदान किया जाता है. विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा (सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चे और कई विकलांग तथा मानसिक मंदता वाले बच्चे) के साथ साथ विभिन्न संसाधनों को प्रयोग करना भी सिखाया जाता है जिससे वैसे बच्चों के माता पिता घर पर स्वयं भी उनके व्यायाम को जारी रख सकते हैं. हमारी संस्था ऐसे बच्चों के मानसिक एवम शारीरिक विकास/उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करती है ताकि उनके स्वाबलंबन को सही गति मिल सके और वे जीवन में प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी हर कमी को पूरा कर सकें, तो वहीं दूसरी ओर संस्था के मुख्य तकनिकी सहायक श्री नीरज पाठक अपना योगदान संस्था द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन (सिलाई, बुनाई, कढाई, खाद्य-प्रसंस्करण, कंप्यूटर, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक रेपरिंग आदि) में अपनी मुख्य भूमिका अदा करते हैं, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके.

कार्यक्षेत्र:
झारखण्ड राज्य
के अंतर्गत बोकारो जिला एवं चतरा जिला में दो दिव्यांग निकेतन का सफल संचालन के साथ साथ अन्य जन उपयोगी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को विशेषकर दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना एवं स्वरोजगार को प्रेरित करना एवं उसके लिए समुचित अर्थोपार्जन की व्यवस्था करना तथा ऐसे ही निरंतर समाज की सेवा से हम जुड़े रहें यही हमारी संस्थ्गा का मुख्य धेय है.

विभिन्न क्रियाकलाप                                        

  1. सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चे और कई विकलांग बच्चे
  2. मानसिक मंदता वाले बच्चे
  3. ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे।

महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

  1. सिलाई प्रशिक्षण
  2. खाद्य प्रसंस्करण
  3. सौन्दर्य प्रसाधन प्रशिक्षण

अन्य संबंधित गतिविधियाँ

  1. स्क्रीनिंग और पहचान शिविर
  2. सांस्कृतिक कार्यक्रम
  3. कला प्रतियोगिता
  4. खेल आयोजन
  5. शिक्षक जागरूकता
  6. राष्ट्रीय न्यास अधिनियम पर कार्यक्रम
  7. RPWD अधिनियम पर कार्यक्रम
  8. AIDS पर जागरूकता कार्यक्रम
  9. समावेश तैयारी कार्यक्रम
  10. चित्रकला प्रतियोगिताएं
  11. अभिभावक प्रशिक्षण कार्यक्रम
  12. प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र
  13. शिविरों का आयोजन
  14. डे केयर सेंटर फॉर डिसएबिलिटीज
  15. व्यावसायिक चिकित्सा
  16. मनोवैज्ञानिक परीक्षण
  17. विशेष शिक्षा
  18. उपकरण वितरण
  19. फिजियोथेरेपी
  20. भाषण थेरेपी
  21. व्यवहार संशोधन
  22. रक्तदान शिविरों का आयोजन

आस्था पुनर्वास केंद्र, ढोरी, जिला- बोकारो, झारखण्ड

    1. दिव्यांग बच्चों का विभिन्न विकलांगता निवृति हेतु निःशुल्क इलाज.
    2. दिव्यांग बच्चों के बौद्धिक विकास हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम.
    3. दिव्यांग बच्चों द्वारा विभिन्न स्वरोजगारोन्मुखी गतिविधियों का संचालन.
    4. सामाजिक एवं आर्थिक स्वाबलंबन हेतु विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में पंजीकरण.
    5. अभिभावकों को समुचित परामर्श आदि.

आस्था पुनर्वास केंद्र, पिपरवार, जिला- चतरा, झारखण्ड

    • दिव्यांग बच्चों का विभिन्न विकलांगता निवृति हेतु निःशुल्क इलाज.
    • दिव्यांग बच्चों के बौद्धिक विकास हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम.
    • दिव्यांग बच्चों द्वारा विभिन्न स्वरोजगारोन्मुखी गतिविधियों का संचालन.
    • सामाजिक एवं आर्थिक स्वाबलंबन हेतु विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में पंजीकरण.
    • अभिभावकों को समुचित परामर्श आदि.

आस्था विशेष विद्यालय, फुसरो, जिला- बोकारो, झारखण्ड

    • सामाजिक एवं आर्थिक रूप से उपेक्षित गरीब परिवार वालों की बस्ती में निःशुल्क प्राइमरी विद्यालय का संचालन एवं उसके बाद विभिन्न सरकारी विद्यालयों में नामांकन कार्यक्रम.
    • समाज के प्रतिष्ठित परिवारों एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पुस्तकों, कपड़ों एवं समय समय पर भोजन आदि का वितरण.

आस्था प्रशिक्षण केंद्र, पिछरी, जिला- बोकारो, झारखण्ड

      • आस पास क्षेत्र एवं सुदूरवर्ती क्षेत्र के नवयुकों एवं नवयुवतियों को विभिन्न प्रकार के दिव्यान्गता निवारण सम्बंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम.
      • आस पास क्षेत्र एवं सुदूरवर्ती क्षेत्र के नवयुकों एवं नवयुवतियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम.
      • आस पास क्षेत्र एवं सुदूरवर्ती क्षेत्र के नवयुकों एवं नवयुवतियों को सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण कार्यक्रम.
      • आस पास क्षेत्र एवं सुदूरवर्ती क्षेत्र के नवयुकों एवं नवयुवतियों को खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम.

महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार द्वारा प्रायोजित चाइल्डलाइन 1098 (बाल आपातकालीन सेवा) का बोकारो जिलान्तर्गत विगत 4 वर्षों से निर्बाध रूप से संचालन.

    • गुमशुदा बच्चे, शोषित बच्चे, घर से भागे हुए बच्चे, तस्करी हुए बच्चे, काम में लगे बच्चे, ख़राब हालात में फंसे बच्चे, देख-भाल व सुरक्षा की जरुरत वाले सभी बच्चों को तुरंत सहायता प्रदान कराना.
    • बाल-विवाह, बाल श्रम एवं बाल शोषण आदि के प्रति आसपास के क्षेत्रों में अपने आउटरीच कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ाना.
    • जिला बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारीगण को सीधे सूचना एवं सहयोग पहुँचना.
    • सभी प्रशासनिक एवं गैर प्रशासनिक समुदायों के बीच आपसे समन्वय स्थापित करना, ताकि आवश्यकता के समय सीधे सहयोग प्राप्त किया जा सके.